गिलोय के फायदे और उपयोग Giloy Benefits in Hindi
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गिलोय के फायदे | Giloy Benefits in Hindi

गिलोय क्या है?

गिलोय (Giloy), जिसे संस्कृत में अमृता कहा जाता है, एक औषधीय बेल है। इसका वैज्ञानिक नाम Tinospora Cordifolia है। आयुर्वेद में गिलोय को अमृत इसलिए कहा गया क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को लंबी उम्र और मजबूती प्रदान करती है।
गिलोय की बेल अक्सर नीम या आम के पेड़ों पर चढ़ी हुई मिलती है। इसके डंठल और पत्तों का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।

👉 इसे अक्सर “Immunity Booster Herb” कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने की क्षमता रखती है।


🌱 गिलोय के पोषक तत्व (Nutrients in Giloy)

गिलोय में कई औषधीय और पोषण तत्व पाए जाते हैं:

  • एल्कलॉइड्स

  • ग्लाइकोसाइड्स

  • टैनिन्स

  • एंटीऑक्सीडेंट्स

  • कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन

  • फाइबर और प्रोटीन

ये सभी तत्व मिलकर गिलोय को एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि बनाते हैं।


✅ गिलोय के फायदे (Health Benefits of Giloy in Hindi)

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है

गिलोय शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करती है और संक्रमण से बचाती है। नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम और वायरल बीमारियों की संभावना कम होती है।

2. बुखार में लाभकारी

डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और टाइफाइड जैसे बुखारों में गिलोय का रस बेहद कारगर है। यह प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाकर शरीर की कमजोरी को कम करता है।

3. डायबिटीज़ में सहायक

गिलोय ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करती है। मधुमेह के रोगियों के लिए यह प्राकृतिक दवा की तरह कार्य करती है।

4. पाचन सुधारती है

गिलोय कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है।

5. गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत

गिलोय में पाए जाने वाले Anti-Inflammatory गुण गठिया, गाउट और आर्थराइटिस के दर्द को कम करते हैं।

6. सांस संबंधी रोगों में लाभकारी

गिलोय अस्थमा, खांसी और ब्रोंकाइटिस में राहत देती है। यह फेफड़ों की क्षमता को बेहतर करती है।

7. लीवर और किडनी की सेहत

गिलोय शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है और लीवर को मजबूत करती है। किडनी इंफेक्शन में भी उपयोगी है।

8. हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

गिलोय रक्त संचार को सही रखती है और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करती है।

9. मानसिक तनाव कम करती है

यह तनाव, थकान और चिंता को कम करने में सहायक है। गिलोय नींद की गुणवत्ता को भी सुधारती है।

10. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

गिलोय खून को साफ करती है, जिससे मुंहासे और त्वचा रोग दूर होते हैं। यह बालों को भी स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।


⚕️ गिलोय किन बीमारियों में मदद करती है?

  • डेंगू और मलेरिया

  • वायरल बुखार

  • टाइफाइड

  • डायबिटीज़

  • गठिया और जोड़ों का दर्द

  • अस्थमा और खांसी

  • लीवर की कमजोरी

  • त्वचा रोग

  • पाचन रोग

  • तनाव और अनिद्रा


🌿 गिलोय का उपयोग कैसे करें?

  1. गिलोय का रस – 15–30 ml पानी में मिलाकर सुबह-शाम।

  2. गिलोय का काढ़ा – डंडी को पानी में उबालकर पीएं।

  3. गिलोय पाउडर – 2–3 ग्राम दूध या शहद के साथ।

  4. गिलोय कैप्सूल/टैबलेट – चिकित्सक की सलाह से।


⚠️ गिलोय के नुकसान (Side Effects of Giloy)

  • अधिक मात्रा से लो ब्लड शुगर हो सकता है।

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं सेवन से बचें।

  • ऑटोइम्यून डिजीज़ (जैसे लुपस, रुमेटाइड आर्थराइटिस) में सावधानी रखें।


❓ FAQs – गिलोय से जुड़े आम सवाल

Q1. क्या गिलोय रोज पी सकते हैं?
✔ हाँ, लेकिन सीमित मात्रा (15–30 ml) और डॉक्टर की सलाह से।

Q2. गिलोय किस बुखार में सबसे फायदेमंद है?
✔ डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर में।

Q3. क्या डायबिटीज़ के मरीज गिलोय ले सकते हैं?
✔ हाँ, लेकिन ब्लड शुगर की निगरानी जरूरी है।

Q4. गिलोय कब लेना चाहिए?
✔ सुबह खाली पेट या शाम को गुनगुने पानी के साथ।

Q5. क्या गिलोय से सर्दी-खांसी ठीक हो सकती है?
✔ हाँ, यह खांसी, जुकाम और अस्थमा में राहत देती है।


📝 निष्कर्ष

गिलोय एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर गंभीर बीमारियों तक में सहायक है। इसका नियमित और संतुलित सेवन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। लेकिन ध्यान रखें – अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए हमेशा चिकित्सक की सलाह से इसका उपयोग करें।

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